पश्चिमी चम्पारणबिहार

रिश्वतखोर ईओ को निगरानी के हाथ से छुड़ा कर भगाने मामले में 7 वार्ड पार्षदो ने न्यायालय में किया सरेंडर।

बगहा(प.च)।

बगहा अनुमंडल अन्तरर्गत रामनगर प्रखंड के नगर पंचायत रामनगर में बिगत 12 फरवरी को निगरानी टीम ने ईओ से 20 हज़ार नगद रिश्वत लेने मामले में रंगेहाथों पकड़ा था जिसको स्थानीय कुछ वार्ड पार्षदों व प्रतिनिधियों ने निगरानी टीम से ईओ को छोड़कर भगाने के आरोप में थाना में पार्षद व प्रतिनिधियों को चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिस मामले में नामजद सात पार्षदों ने मंगलवार को ब्यवहार न्यायालय बगहा में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है बता दे कि न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालो में नगर पंचायत के मुख्य वार्ड पार्षद पुत्र, एक पार्षद प्रतिनिधि, चार वार्ड पार्षदों के साथ एक कर्मी ने ईओ को निगरानी के हत्थे से भगाने के मामले में मंगलवार को व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अविनाश कुमार के न्यायालय में सातों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया। जिसके बाद उनको हाजत में ले लिया गया। मालूम हो कि विगत 12 फरवरी को निगरानी के द्वारा ईओ जीतेंद्र कुमार सिंन्हा को 20 हजार रुपया रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। जिसको इनके द्वारा झड़प आदि कर निगरानी के हाथों से छुड़ा भगाने का आरोप गठित कर अभ्यूिक्त बनाया गया। उस वक्त से अब तक उक्त सभी आरोपी फरार चल रहे थे। सरकारी काम में बाधा डालने से लेकर तमाम सुसंगत धाराओं में वांछित अपराधी होने के साथ इनको पुलिस तलाश कर रही थी। आत्मसमर्पण करने वालों में वार्ड पार्षद मो. मेराज, भूनेश्वर अग्रवाल, सीताराम महतो, अरिजीत सिंह उर्फ गिफ्फी सिंह के अलावे मुख्य पार्षद पुत्र नागेंद्र साह, पार्षद प्रतिनिधि मो. सलाउद्दीन के साथ नगर कर्मी अमरजीत ओझा शामिल हैं