पश्चिमी चम्पारणबिहार

एक साल बितने के बाद भी नहीं बन पाया परोराहा से मलटोलवा गाँव जाने वाली सड़क। ग्रामीण परेशान। कठिनाई बढ़ी।

लौरिया(प.च)।

मुख्यमंत्री ग्रामसडक योजना के तहत परोराहा गांव से मलटोलवा गाँव जाने वाली मुख्य सड़क का र्निमाण कार्य अधुरा है समय-सीमा से दो माह बीतने के बाद भी कालीकरण कौन कहे अभी मिटटीकरण भी पुरा नही हो। पाया है जिससे ग्रामीण परेशान हैं तथा आवागमन में असुविधा हो रही है।बता दे की परोराहा गांव से मलटोलवा गाँव जाने वाली मुख्य सड़क लगभग दो किलोमीटर से अधिक है तथा इसका लागत मुल्य एक करोड़ सतहतर लाख छौ सौ उन्नीस रुपये है ।इस सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास तत्कालीन विधायक विनय वर्मा द्वारा साल नवम्बर उन्नीस में किया गया था और कार्य समाप्ति अठाईस नवम्बर बीस तक थी लेकीन सड़क का निर्माण अभी भी अधुरा है ।विभागीय लापरवाही के कारण सड़क र्निमाण अधुरा है जिससे आम जनता को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।र्निमाण कार्य ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बगहा एक के द्वारा होनी है तथा संवेदक का फार्म का नाम मां धनवंती विलडकान प्रा लिमिटेड अंकीत है ।र्निमाण कार्य अधुरा होने से ग्रामीण गुस्से में है बता दें की सड़क के र्निमाण नहीं होने से दस साल पहले परोराहा के ग्रामीणो ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था तब तत्कालीन जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक पहुंचे थे तथा सड़क र्निमाण के आश्वासन पर ही ग्रामीणो ने मतदान शुरू किया था।वहीं एक साल दो माह हो जाने के उपरांत भी सड़क का र्निमाण नहीं होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं अब आंदोलन के मुड़ में है ग्रामीण शशि कुशवाहा, सुनील कुमार ,इंद्रजीत साह, संजय साह, दिवाकर कुमार, सिकन्दर कुशवाहा ,रंजीत प्रसाद ,रवीन्द्र कुमार, कन्हैया ठाकुर, जीतेन्द्र ठाकुर, सुभाष ठाकुर ,सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी निगरानी कर कार्य पुरा कराने की गुहार लगाई है ।

इस संबंध में कनीय अभियंता संतोष कुमार चौबे के दुरभाष पर संपर्क करने पर काल रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका ।
छात्र जद यू के नेता शशि कुशवाहा ने कहा की सड़क र्निमाण में विभागीय लापरवाही के कारण र्निमाण कार्य पुरा नही हो पाया है वहीं सड़क र्निमाण में गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुए हैं इस संबंध में जिला पदाधिकारी से मिलकर इसकी जांच तथा कार्य अविलंब पुरा होने की मांग करुंगा।
बता दें की आजादी के इतने दिनों के बाद भी इन दोनों गांवों में पक्की सड़क नहीं बन पाया है इससे लगभग दो हजार ग्रामीणो की परेशानी ज्यों कि त्यों है।