पश्चिमी चम्पारणबिहार

बी.एड शिक्षा की गुणवत्ता है जो कठिन विषय को सरल,स्पष्ट,रूचिकर एवं सार्थक बनाती है : प्राचार्य डाँ. विमल वर्मा।

नरकटियागंज(प.च)।

टी.पी.वर्मा.काँलेज , नरकटियागंज मे बी.एड के नये सत्र – 2020-2022 का वर्ग संचालन प्रारंभ हुआ हो गया । जिसकी जानकारी प्राचार्य डाँ. विमल वर्मा ने दी । प्राचार्य डाँ. विमल वर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार कोरोना गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए संचालन होगा । मास्क लगाना अनिवार्य होगा । सेनिटाइजर , सोशल डिस्टेंस के साथ बैच के अनुसार चलेगा । 75% उपस्थिति नही होने पर फार्म भरने से वंचित हो जाएंगे। प्राचार्य ने बताया कि बी.एड के सभी सहायक प्राध्यापक योग्य , अनुभवी के साथ साथ नियमित वर्ग संचालन होता है और सभी प्राध्यापक शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति कटिबद्ध है।

प्राचार्य ने बताया कि इस महाविद्यालय में बी.एड की पढ़ाई 2014 से प्रारंभ हुई । । बीएड करने के लिए आपको शिक्षा, संस्कृति और मानवमूल्य, शैक्षणिक मनोविज्ञान, शैक्षणिक मूल्यांकन, शिक्षा दर्शन आदि विषय पर ध्यान देना होगा । बी.एड करने से शिक्षण कार्य करने के लिए तैयार हो जाते हैं और शिक्षा की गुणतायुक्त माहौल को विशेष रूप से प्रदान करता है। शिक्षा के महत्त्व को समझते हुए बताया कि बी.एड के कार्यशाला से अभ्यर्थी शिक्षा पाठ्यक्रम की बारीकियों को समझ सकेंगे। बीएड विशिष्ट शिक्षा ऐसा पाठ्यक्रम है , जिसमें ऐसे शिक्षक तैयार किए जाते हैं जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर छात्रों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। वह मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर छात्र की मनोस्थिति समझने में सक्षम होते हैं। शिक्षण कार्य करने के लिए शिक्षण सहायक सामग्रियों दसे अभिप्रेरणा मिलती है। ये कठिन से कठिन विषय-वस्तु को सरल , स्पष्ट , रुचिकर एवं सार्थक बना देती है। ये पठन-पाठन में नवीनता लाती है। शिक्षण सहायक सामग्रियों से अभिप्रेरणा मिलती है। ये कठिन से कठिन विषय-वस्तु को सरल , स्पष्ट , .रुचिकर एवं सार्थक बना देती है। ये पठन-पाठन में नवीनता लाती है। शिक्षण प्रक्रिया में आकलन छात्रों की शैक्षिक कठिनाइयों , कमियों एवं दुर्बलताओं की जानकारी को खोजने में सहायता प्रदान करता है तथा उनके उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से कमियों को दूर करने का मार्ग प्रशस्त करता है । मौके पर सहायक व्याख्याता अशोक कुमार , आलोक रंजन , डाँ. अविष्कार, डाँ. कुमार अभीनेश , डाँ. विवेक कुमार मिश्रा, राजमणि कुमार , डाँ. अतुल कुमार , डाँ. शिप्रा शुक्ला , डाँ रंजू कुमारी, दिव्या वर्मा, गजाला अनीस , रामबाबू कुमार , प्रियंका वर्मा, सुजीत वर्मा , पुस्तकालयध्यक्ष संजय चौधरी , अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।