पश्चिमी चम्पारणबिहार

हाथियों ने संभाली वन सुरक्षा की जिम्मेदारी।

सेमरा (प.च)।

वाल्मीकि टाईगर रिजर्व वन प्रमण्डल 2 के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र में इन दिनों सुरक्षा के मद्देनजर लगातार हांथीयों से वन क्षेत्रों में गश्त की जा रही है।इन दिनों वन अपराधीयों द्वारा वन संपदा को नुकसान पंहुचाने की संभावना गंडक नदी के जल स्तर में गिरावट दर्ज होने से बढ़ गई है इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग द्वारा वन्यकर्मियों की टीम गठित कर हर क्षेत्र में लगातार गश्ती की जा रही है।जिसके फलस्वरूप तस्करी के लिए काटे गए लकड़ी तो कभी वन्यजीवों को नुकसान पंहुचाने के लिए वन क्षेत्रों में लगाए गए इलेक्ट्रिक तार तो कभी जाल की जप्ती की गई हैं वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा को और ज्यादा सख्त करने के उद्देश्य से हाथीयों से भी गश्त कराई जा रही है।बताते चलें कि जंगल सुरक्षा के लिए बैंगलुरू से चार हांथी मणिकंठा,बाला जी,द्रोण और राजा को लाया गया है।जिन्हें वनों की सुरक्षा करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है । वन्यजीवों व वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार प्रयत्नशील है। ताकि वन अपराध पर अंकुश लगाया जा सके ।इस बाबत जानकारी देते हुए वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र पदाधिकारी महेश प्रसाद ने बताया कि वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के जटाशंकर वन क्षेत्र,भेड़िहारी वनक्षेत्र,चुलभट्ठा वनक्षेत्र में लगातार हांथी से गश्त किया जा रहा है ताकि वन अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके।हांथी के साथ वन्यकर्मियों कि टीम भी लगातार गश्त में लगी हुई हैं।