पश्चिमी चम्पारणबिहार

गम्हरिया के सरेह में दिखा जंगली भैंसा ,किसानों की बढ़ी चिंता।

मैनाटांड़ संवाददाता पंकज कुमार
वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना से सटे गम्हरिया चक्रसन गांव के सरेह में जंगली भैंसा ( गौर) की चहलकदमी से किसानों की चिंता बढ़ गयी है। हालांकि वन विभाग और किसानों की सक्रियता से जंगली भैंसा को जंगल में चला गया है ।लेकिन जंगली भैंसा के डर से किसान खेतों में जाना छोड़ दिया है। खेत की रखवाली कर रहे किसानों ने जंगली भैंसा के डर से फसल की रखवाली करना भी छोड़ दिया है। किसान विजय उरांव ,संजय महतो, विकास उरांव ,सहदेव महतो, सोहन महतो, मुकेश कुमार,गूडू कुमार आदि ने बताया कि कुछ दिन पहले बाघिन के डर से हम सभी किसान परेशान थे ।अब बाघिन का किस्सा खत्म हुआ तो जंगली भैंस की चहलकदमी जंगल से सटे क्षेत्रों में शुरू हो गई है। जंगली भैंसा खूंखार होता है। जिससे हम सभी किसान काफी चिंतित हैं ।वन विभाग को चाहिए कि जंगल से सटे गांवों में लगातार जंगली जानवरों पर नजर बनाये रखें। ताकि रिहायशी इलाकों में उनकी चहलदमी नहीं बढ़े।वही चक्रसन उप वन परिसर पदाधिकारी पुनटुन कुमार ने बताया कि जंगली भैंसा गौर को गम्हरिया के सरेह में देखा गया है। उसे वन कर्मियों की मदद से जंगल भेज दिया गया है।वही किसानों को जागरूक किया गया कि खेतों में अकेले नहीं जायें। अगर खेतों में जाना जरूरी है तो समूह में जायें। रात्रि में मचान पर नहीं सोये। वन विभाग लगातार सक्रिय है।