पश्चिमी चम्पारणबिहार

मैनाटांड़ मे शिरोमणि गुरु रविदास जी की धुमधाम से मनाई गई 644वीं जयंती।

मैनाटांड़ संवाददाता पंकज कुमार

रविवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 644 वीं जयंती धूमधाम से मनाया गया। जयंती समारोह के मुख्य अतिथि विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने संत रविदास जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मौके पर उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी उन महान संतों में अग्रणी थे। जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत और समाज में अपनी रचनाओं से सामाजिक समरसता का निर्माण करने वाले महान संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें याद कर उनके बताये रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। विधायक ने आगे कहा कि संत रविदास ने अपने दोहों व पदों के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने का प्रयास भी किया। सही मायनों में देखा जाये तो मानवतावादी मूल्यों की नींव संत रविदास ने रखी। वे समाज में फैली जातिगत ऊंच-नीच के घोर विरोधी थे। वे कहते थे कि सभी एक ईश्वर की संतान हैं जन्म से कोई भी जात लेकर पैदा नहीं होता। इतना ही नहीं वे एक ऐसे समाज की कल्पना भी करते थे जहां किसी भी प्रकार का लोभ, लालच, दुख, दरिद्रता, भेदभाव नहीं हो। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस समाज से रविदास जी आते हैं। उस समाज के लोगों को हर तरह से सुदृढ़ करने की जरूरत है। ऐसे लोगों का मेरे साथ बहूमूल्य योगदान है। कार्यक्रम का संचालन कामरेड आमिलाल रविदास ने किया।जयंती समारोह में मौके पर राजेंद्र राम,माले प्रखंड सचिव अच्छेलाल ,विधायक प्रतिनिधि इंद्रदेव कुशवाहा जिला सदस्य सीताराम राम,मोहमद अब्दुल्लाह, कांग्रेस के सुभाष प्रसाद,राजद के विनोद यादव, , अवधेश राम, पवन कुमार, शिवशक्ति राम, लक्ष्मण राम ,राजू राम ,सतनाम बाबा सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।