पश्चिमी चम्पारणबिहार

नाली मे फेकी मिली मानव अनमोल जीवन को बचाने वाली दवाईया,जांच कर होगी कार्रवाई।

मैनाटांड़ संवाददाता पंकज कुमार।

स्वास्थ्य विभाग के जिन कर्मियों के कंधे पर टीकाकरण देकर मानव जैसे अनमोल जीवन को कई बीमारियों से बचाने की जिम्मेदारी हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि उन्हीं के आवास के आगे बहने वाली नाली में जीवन रक्षक जैसी दवाइयां बड़े ही आराम से फेंक दी गई है। जिस नाली में दवाइयां फेंकी गई है उस नाली के समीप चार स्वास्थ्य कर्मियों का डेरा है। सवाल उठता है कि जिस जीवन रक्षक दवाइयां जैसे बीसीजी, डीपीटी, पोलियो खुराक आदि की दवाईयां बच्चों को देना है। वह कैसे नाली में फेंका गया है। जिसका एक्सपायरी डेट भी लंबे समय तक है फिर भी ऐसे दवाइयों को नाली में फेंकना समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मीयो के उपर अपने आप में बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है। इसका साफ मतलब होता है कि अस्पताल से दवा उठाकर स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा अपने डेरा में रख लिया गया और स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं जाकर उसे कागज में टीकाकरण का कोरम पुरा कर नाली मे फेक दिया गया है। प्रखंड मुख्यालय स्थित बहने वाली नाली में जीवन रक्षक दवाइयों का फेंके जाने से स्वास्थ्य प्रबंधन पर एक सवालिया निशान खड़ा होता है। इसका स्पष्ट संदेश जाता है कि टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग स्वास्थ्य अधिकारियों के द्वारा नहीं की जाती है। जैसे तैसे टीकाकरण का कोरम पूरा कर रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाता है। अगर टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाए तो टीकाकरण में एक बड़ी अनियमितता का पर्दाफाश होगा।इधर सिविल सर्जन के निर्देश पर पहुंचे सिविल सर्जन प्रतिनिधि दीपेश चंद्र ने बताया कि नाली से दवाईयों को जब्त कर लिया गया है।दवा कहा से आया है।नाले के सामने कौन कौन स्वास्थ्य कर्मी रहते हैं।सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।घटना को अंजाम देने वाले संबंधित कर्मीयो पर कार्रवाई होना तय है। मौके पर प्रभारी डॉ विजय कुमार चौधरी, हेल्थ मैनेजर विनोद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।