
जिशान अहमद | नरकटियागंज
सशस्त्र सीमा बल 44वीं नरकटियागंज वाहिनी मुख्यालय एवं सभी समवायों में 30 जनवरी शहीद दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान बिगुल की ध्वनि के साथ दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उप कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी, तभी से इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूज्य बापू का व्यक्तित्व एवं कृतित्व देशवासियों को सदैव कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा। उप कमांडेंट ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के मार्ग को अपनाकर दुनिया को यह संदेश दिया कि बिना हथियार के भी बड़े परिवर्तन संभव हैं। अहिंसा में वह शक्ति है, जो समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकती है। कार्यक्रम में उप कमांडेंट कृष्ण कुमार, उप कमांडेंट सशीन शर्मा, सहायक कमांडेंट (संचार) रियाश पी, निरीक्षण सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार सहित 44वीं वाहिनी के बलकर्मी एवं बिहार पुलिस के प्रशिक्षु जवान शामिल हुए। इस अवसर पर कुल लगभग 200 जवानों ने सहभागिता की।शहीद दिवस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित जवानों को देश के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम से संबंधित फोटोग्राफ्स प्रचार शाखा द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।





