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Bihar news : मैनाटाड़ में गैस आपूर्ति चरमराई, कालाबाजारी के आरोप 

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यस बिहार | मैनाटाड़ 

मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। करीब 60 हजार उपभोक्ताओं वाले इस इलाके में गैस की अनियमित आपूर्ति के बीच कालाबाजारी के गंभीर आरोप भी सामने आने लगे हैं। समय पर गैस नहीं मिलने से लोग एजेंसियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। भारत गैस एजेंसी मर्जदवा का रविवार को यस बिहार की टीम द्वारा ऑन द स्पॉट किया गया, जहां अव्यवस्था और उपभोक्ताओं की लंबी कतारें साफ नजर आईं। बलथर थाना क्षेत्र के लखौरा गांव निवासी साहेब अंसारी ने बताया कि उन्होंने 2 मार्च को गैस के लिए ओटीपी दिया था, लेकिन अब तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। आर्यानगर निवासी साहिल अंसारी पिछले दो दिनों से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है। मझरिया निवासी धर्मराज बैठा ने गैस कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2 फरवरी को गैस लिया था और अगला सिलेंडर 3 मार्च को मिलना था, लेकिन बिना गैस दिए ही उनकी तिथि बढ़ाकर 17 अप्रैल कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हिस्से का सिलेंडर कालाबाजारी में बेच दिया गया।

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गौरीपुर टोला की रुकैया खातून ने बताया कि 15 मार्च से गैस के लिए नंबर लगाने के बावजूद उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला है। छोटे बच्चों को गोद में लेकर वे लगातार एजेंसी का चक्कर लगा रही हैं। सिकटा बाजार की आमना खातून, मुरली गांव के रोहित कुमार और सोनार टोला भौरा के बृजेश कुमार भी पिछले दो दिनों से गैस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। एजेंसी के कंप्यूटर ऑपरेटर राधेश्याम कुमार ने बताया कि 28 मार्च को गैस की गाड़ी मर्जदवा के लिए रवाना हुई थी, लेकिन अब तक नहीं पहुंची है। एजेंसी में करीब 10 हजार उपभोक्ता हैं, जबकि प्रति माह मात्र 2000 सिलेंडर का ही वितरण हो पा रहा है। भारी भीड़ के कारण होम डिलीवरी भी संभव नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता सुबह छह बजे से लाइन में लगकर गैस का इंतजार कर रहे हैं।उधर देव एचपी गैस एजेंसी में 32,380 उपभोक्ता है।हर माह करीब 14,000 सिलेंडर के उपभोक्ता नम्बर लगाते है और उन्हे उपलब्ध करा दिया जाता है।प्रोपराइटर ज्ञान कुमार ने बताया कि कार्य सराहनीय रहने पर गैस के लिए कोई परेशानी नहीं है।बराबर गैस आगे से मिल रहा है। पहले 15 दिनों के भीतर गैस मिल जाती थी, लेकिन अब 45 दिन बाद भी उपभोक्ताओं सिलेंडर दिया जा रहा है। वहीं हरिओम भारत गैस ग्रामीण वितरण पिड़ारी में 13,000 और सुखलही इंडियन ग्रामीण वितरण गैस एजेंसी में 4,100 उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। गैस की कमी और कालाबाजारी के आरोपों से उपभोक्ताओं में आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उधर एमओ सुप्रिया कुमारी ने बताया कि एलपीजी की किल्लत नहीं है। नियमानुसार वितरण किया जा रहा है। एजेंसियों की नियमित जांच भी हो रही है, अगर किसी उपभोक्ता को परेशानी है तो मुझसे शिकायत करें जांच कर कार्रवाई होगी।

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