
यस बिहार | मैनाटाड़
मैनाटाड़ थाना क्षेत्र के मैनाटाड़ गांव निवासी झोझा मांझी के पुत्र रामभरोस मांझी का तमिलनाडु में केमिकल के भांप से झुलसने के बाद हो गयी है। घटना शनिवार के सुबह का है।मिली जानकारी के अनुसार मैनाटाड़ निवासी झोझा मांझी का बत्तीस वर्षीय पुत्र रामभरोस मांझी तमिलनाडु के टेडीकौल जिले के बैलूर में पेपर मिल में जीविकोपार्जन के लिए सात माह पहले ही गया हुआ था।घर के परिवार के सुनहरे भविष्य को संवारने को लेकर वह मजदूरी का काम करता था। शनिवार के सुबह रामभरोस मांझी रोज की भांति अपने काम पर गया। काम के दौरान ही केमिकल भरा ड्रम का ढक्कन को खोलने के दौरान केमिकल के भांप से वह गंभीर रूप से झुलस गया ।आनन फानन में उसके सहयोगी उसे अस्पताल ले गये। लेकिन अस्पताल पहुंचने से ही पहले ही रामभरोस मांझी की मौत हो गयी ।सूचना पर उसी मिल में काम कर रह रहे उसका बड़ा पुत्र मुन्ना मांझी भी मौके पर पहुंचा और इसकी सूचना घरवालों को दिया।इस घटना की ख़बर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।गांव में भी सूचना फैल गयी।काफी संख्या में गांव वाले भी मृतक के घर पहुंचे। मृतक के पिता झोझा मांझी,मृतक की पत्नी सुखिया देवी, पुत्र मुन्ना मांझी,बेटी सोनमती कुमारी,मानमती कुमारी सहित अन्य घरवालों को रोते रोते बुरा हाल है। वही ग्रामीणों ने परिवार वालों का ढाढ़स बधाया। तमिलनाडु से मृतक रामभरोस मांझी का शव को घर मंगाने के लिए बैलूर में रहने वाले अन्य साथी प्रयास में लगे हुये है। वहीं रामभरोस मांझी के मर जाने से उसके परिवार के सदस्यों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।उधर पूर्व मुखिया हरेंद्र प्रसाद, नरेंद्र प्रसाद,वार्ड सदस्य प्रतिनिधि अक्षय कुमार आनंद, पन्नालाल साह,नंदन कुमार, व्रजेश प्रसाद सहित ग्रामीणों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से मृतक रामभरोस मांझी के घरवालों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। इन लोगों ने प्रशासन से मुआवजा की मांग की है।ताकि मृतक के घरवालों का भरण-पोषण हो सकें।





