Bihar news : करंट से बाघ की मौत मामले में होगी कार्रवाई, खेत मालिक और गन्ना क्रशर संचालक पर गिरेगी गाज

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यस बिहार|मैनाटाड़ 

पश्चिमी चंपारण जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव में गेहूं के खेत में करंट लगने से बाघ की मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब इस गंभीर घटना में दोषियों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है। वन विभाग के अनुसार, जिस गेहूं के खेत में करंट से बाघ की जान गई, उस खेत के मालिक विजय साह और विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने वाले गन्ना क्रशर संचालक मुकेश साह पर कानून का शिकंजा कसेगा। मानपुर फॉरेस्टर हिमांशु कुमार ने बताया कि मृत बाघ के पोस्टमार्टम के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि उसकी मौत करंट लगने से हुई है। इसके बाद न्यायालय और मानपुर थाना में पुरैनिया निवासी विजय साह, मुकेश साह समेत अन्य के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, बिजली विभाग के कनीय अभियंता देव ऋषि ने भी इस बात की पुष्टि की है कि विजय साह ने अपने गेहूं के खेत की रखवाली के लिए अवैध तरीके से तार में करंट प्रवाहित किया था, जो इस दर्दनाक घटना का कारण बना। गौरतलब है कि बिते बुधवार की सुबह मानपुर के पुरैनिया गांव से पश्चिम, दोरहम नदी के पूर्वी तट पर सरेह स्थित गेहूं के खेत में बाघ का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही बेतिया वन प्रमंडल के डीएफओ शेखर प्रधान, मानपुर फॉरेस्टर हिमांशु कुमार, बायोलॉजिस्ट पंकज ओझा, फॉरेस्टर उदित शर्मा, वनरक्षी चंदन कुमार, अमन कुमार और शालू कुमारी मौके पर पहुंचे। टीम ने बाघ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मंगुराहा भेजा था। एक ओर यह घटना वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि खेतों की सुरक्षा के नाम पर की गई लापरवाही कैसे एक बेजुबान और दुर्लभ जीव की जान ले सकती है। अब देखना यह है कि कानून इस मामले में कितनी सख्ती से अपना काम करता है।

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