
जिशान अहमद | बेतिया
एक दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बेतिया की रहने वाली एक महिला ने सूरत में अपने ही पति की हत्या कर दी। आरोपी पत्नी का कहना है कि वह लंबे समय से पति की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार थी। पति सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाइयां खाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता और मारपीट करता था। लगातार हो रहे इस टॉर्चर ने उसे अंदर से तोड़ दिया और आखिरकार उसने पति को मार डालने का खौफनाक फैसला कर लिया। मृतक की पहचान हैदर अली के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पत्नी का नाम इशरत जहां बताया जा रहा है। दोनों मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया के रहने वाले थे। हैदर अली मुंबई में काम करता था और महीने में एक बार सूरत स्थित पत्नी के पास आता था। घटना सूरत के लिंबायत इलाके की है। पुलिस को दिए बयान में इशरत जहां ने बताया कि उसका पति हर महीने जब भी आता, सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाइयां खाकर उसके साथ मारपीट करता और जबरन शारीरिक संबंध बनाता था। इस दौरान उसे इस कदर प्रताड़ित किया जाता था कि कई बार उसके शरीर से खून तक निकल आता था। इशरत का कहना है कि वह लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से परेशान हो चुकी थी। हर बार की यातना उसके भीतर गुस्से और टूटन को और बढ़ाती चली गई। पुलिस पूछताछ में इशरत ने कबूल किया कि इस बार जब पति मुंबई से सूरत आया, तो उसने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना ली। 1 जनवरी को उसने हैदर अली को हल्दी वाला दूध दिया, जिसमें चुपके से चूहे मारने की दवा मिला दी। दूध पीते ही जहर का असर धीरे-धीरे होने लगा। जब हैदर कमजोर पड़ गया, तो इशरत ने उसका गला घोंटा और सीना दबाया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद हैदर को इलाज के बहाने स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
बीमारी से मौत का ड्रामा, लेकिन शक ने खोला राज
पति की मौत के बाद इशरत बीमारी से मौत की कहानी रचती रही। शव को जब घर लाया गया तो हैदर के भाई ने उसे दफनाने के लिए पश्चिम चंपारण ले जाने की बात कही। लेकिन इशरत ने ज़ोर देकर कहा कि दफनाने की प्रक्रिया सूरत में ही की जाए।इस बात को लेकर भाई और भाभी के बीच तीखी बहस हुई। इशरत के असामान्य व्यवहार और जिद ने मृतक के भाई के मन में शक पैदा कर दिया, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शक के आधार पर शव का फोरेंसिक पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हैदर अली की मौत केवल ज़हर से नहीं हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार, उसके गले और सीने पर दबाव के निशान पाए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (गर्दन और सीने पर दबाव) बताया गया है। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर इशरत जहां टूट गई और उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हत्या की मुख्य वजह पति द्वारा सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाएं लेने के बाद किया गया अमानवीय व्यवहार और लगातार शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न था। आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में कोई और शामिल तो नहीं था। यह घटना सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि उस पीड़ा की गवाही है, जिसे एक महिला सालों तक चुपचाप सहती रही। सवाल यह है कि अगर समय रहते उसकी पीड़ा सुनी जाती, तो क्या यह दर्दनाक अंत टाला जा सकता था?





