
जिशान अहमद | बेतिया
पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों एक चिंताजनक और डराने वाली स्थिति सामने आ रही है। गांव और आसपास के इलाकों में कौओं की अपने आप हो रही मौत ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। बीते कुछ दिनों से सड़क किनारे, खेतों और आबादी वाले इलाकों में मृत कौए मिलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे बर्ड फ्लू की आशंका गहराती जा रही है। स्थानीय लोगों नंदन कुमार, दिलीप कुमार, शिवनाथ केसरी, बद्री साह, गफ्फार मियां, सुरेश साह, अर्जुन कुमार समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि पहले कभी इस तरह अचानक कौओं की मौत नहीं देखी गई थी। लोगों का कहना है कि सुबह के समय स्वस्थ दिखने वाले कौए कुछ ही देर में जमीन पर गिर जाते हैं और तड़पकर दम तोड़ देते हैं। यह दृश्य बेहद मार्मिक और भयावह है। कौओं की मौत की खबर फैलते ही गांव में डर का माहौल बन गया है। लोग बच्चों को बाहर निकलने से रोक रहे हैं और पशु-पक्षियों के संपर्क से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं यह बर्ड फ्लू या कोई अन्य संक्रामक बीमारी तो नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या इंसानों और अन्य जानवरों के लिए भी खतरा बन सकती है। मृत कौओं को खुले में पड़े देख लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर प्रकृति क्यों इस तरह चेतावनी दे रही है। फिलहाल स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। लेकिन मैनाटाड़ के लोगों की आंखों में डर और दिलों में चिंता साफ झलक रही है। बेजुबान पक्षियों की यह खामोश मौत पूरे इलाके के लिए एक गंभीर संकेत बनकर सामने आई। भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अरमानुल्लाह ने बताया कि मामलें की जांच की जाएगी की किस वजह से कौओ की मौत हो रही है।





