
मैनाटाड़।
मैनाटाड़ प्रखंड अंतर्गत दिउलिया स्थित सुरेश भगत प्रोगेसिव पब्लिक स्कूल में सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विद्यालय सुदामा वेलफेयर ट्रस्ट के द्वारा संचालित है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने सशक्त अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से लैंगिक रूढ़िबद्धता, महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा जैसे गंभीर सामाजिक विषयों पर समाज को सोचने और आत्ममंथन करने का संदेश दिया। वहीं छात्रों ने नशाखोरी, चरित्रहीनता, भ्रष्टाचार और रटंत विद्या जैसी सामाजिक बुराइयों को मंच के माध्यम से उजागर किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सहिष्णुता और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न होकर समाज में समानता, न्याय और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने का माध्यम बने। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सह विद्यालय के संचालक सुभाष चंद्र कुशवाहा ने कहा कि विद्यालय के छात्र-छात्राएं समाज में चेतना जगा कर उसकी दशा और दिशा बदलने का प्रयास कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बच्चों को सभ्य, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना ही ट्रस्ट का उद्देश्य है, ताकि राष्ट्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्रीयता की भावना को मजबूती मिले। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामबाबू कुशवाहा ने कहा कि छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा से अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान संचालक सुभाष चंद्र कुशवाहा द्वारा प्रस्तुत कविता “मां क्या होती है” ने सभी अभिभावकों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में बलिराम कुमार, परमेश्वर कुमार, नरेश यादव, सुरेश कुमार, प्रकाश राम, प्रियंका कुमारी, बिंदु कुमारी सहित हजारों युवाओं और अभिभावकों ने भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।यह सांस्कृतिक आयोजन न सिर्फ सरस्वती पूजा का उत्सव बना, बल्कि समाज को नई सोच और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दे गया।





