
यस बिहार | मैनाटाड़
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए मध्य विद्यालय व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इनरवा में जागरूकता अभियान तेज किया गया है। इसी कड़ी में ग्राम नियोजन केंद्र, चंपारण की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं, तथा स्कूलों में घूम कर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। वहीं वाहनों पर साफ शब्दों में बाल विवाह को अपराध बताया गया है। पोस्टर में उल्लेख किया गया है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसे विवाह को कराने, करवाने या उसमें किसी भी प्रकार से सहयोग करने पर दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अभियान के तहत आम जनता से अपील की गई है कि वे बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। पोस्टर में आपात स्थिति में संपर्क के लिए पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन का हेल्पलाइन नंबर 1800-102-7222 भी अंकित है। सामाजिक संगठन के कोडिनेटर अरविंद पांडेय ने कहा है कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय हो जाता है। ऐसे जागरूकता अभियानों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कानून की जानकारी मिलेगी और बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। अंत में पोस्टर के माध्यम से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करें। मौके पर प्रधानाध्यापक अशोक कुमार राम, फरहाद हुसैन,इमरान आलम, अतिरसुल अंसारी, मुकेश कुमार, सरफराज आलम,दिलिप कुमार, अमिरहसन आदि मौजूद रहे।





