
यस बिहार | बेतिया
पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया और मझौलिया थाना क्षेत्र में लंबे समय से जारी अवैध बालू खनन का गंभीर मामला अब बिहार विधानसभा तक पहुंच गया है। चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिषेक रंजन ने शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने सदन को बताया कि सिकरहना नदी के नुनियावा टोला, पकडिहार घाट और मझौलिया के तिरहवां क्षेत्र में लगातार अवैध खनन हो रहा है। इस बेतरतीब खनन से नदी की प्राकृतिक धारा और संरचना बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नदी की गहराई असामान्य रूप से बढ़ गई है, किनारों पर कटाव तेज हो गया है और बाढ़ का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। अभिषेक रंजन ने आरोप लगाया कि अवैध खनन में संबंधित विभागों के कुछ पदाधिकारियों और स्थानीय थानों की मिलीभगत की चर्चाएं आम हैं। यदि प्रशासनिक भूमिका की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना संभव नहीं होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी अधिकारियों और खनन माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल बालू खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की पर्यावरण सुरक्षा, ग्रामीणों की आजीविका और कानून-व्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। “सिकरहना नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जीवनरेखा है। यदि इसे यूं ही खोखला किया जाता रहा, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी,” विधायक ने भावुक स्वर में कहा। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन अब उम्मीद जगी है कि सरकार इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाएगी। विधायक अभिषेक रंजन ने स्पष्ट किया कि चनपटिया क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और जनहित की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।





