
यस बिहार | बेतिया
बेतिया के सरिसवा बाजार में पुलिस ओपी की स्थापना को लेकर चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा में सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए इस तर्क को पूरी तरह भ्रामक और वास्तविकता से परे बताया, जिसमें कहा गया था कि मझौलिया थाना से सरिसवा बाजार की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है, इसलिए वहां पुलिस ओपी की आवश्यकता नहीं है। विधायक अभिषेक रंजन ने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था का आकलन दूरी से नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते अपराध, जनसंख्या और भौगोलिक विस्तार के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मझौलिया थाना के अंतर्गत कुल 29 पंचायतें आती हैं और इसका क्षेत्र एक छोर से दूसरे छोर तक लगभग 50 से 60 किलोमीटर तक फैला हुआ है। ऐसी स्थिति में यदि पुलिस गश्ती दल एक सिरे पर मौजूद हो और दूसरे सिरे पर कोई घटना हो जाए, तो पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है, जिससे अपराधी आसानी से फरार हो जाते हैं। विधायक ने अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिले में प्रतिमाह लगभग 200 चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें से करीब 20 घटनाएं अकेले मझौलिया थाना क्षेत्र में होती हैं। इसके अलावा हर महीने तीन से चार अज्ञात शव मिलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि थाना क्षेत्र में प्रतिमाह 100 से अधिक एफआईआर दर्ज होती हैं, लेकिन सीमित संसाधन और व्यापक क्षेत्र के कारण अनुसंधान कार्य में देरी हो रही है। इसका सीधा असर पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने पर पड़ रहा है। अभिषेक रंजन ने सरकार से मांग की कि सरिसवा बाजार में अविलंब स्थायी पुलिस ओपी की स्थापना की जाए, थाना क्षेत्र का पुनर्गठन किया जाए तथा सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। विधायक के इस मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से उठाने के बाद सरिसवा बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ओपी की स्थापना को लेकर उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं।





