
यस बिहार | समस्तीपुर
पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने ट्रेन के पहियों से धुआँ या जलने की गंध आने की घटनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। मंडल प्रशासन ने कहा है कि अधिकांश मामलों में यह “ब्रेक जाम” (ब्रेक बाइंडिंग) की सामान्य यांत्रिक स्थिति होती है, न कि आग लगने की घटना। रेल अधिकारियों के अनुसार जब किसी कोच का ब्रेक पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाता और पहियों से हल्की रगड़ खाते रहता है, तो घर्षण के कारण गर्मी पैदा होती है। इसी वजह से कभी-कभी धुआँ या जलने जैसी गंध महसूस हो सकती है। इसे आग समझकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। मंडल प्रशासन ने बताया कि यह स्थिति उसी प्रकार है जैसे किसी मोटरसाइकिल या कार में ब्रेक दबे रह जाने पर ब्रेक डिस्क गर्म हो जाती है और हल्का धुआँ निकल सकता है, जबकि वाहन में आग नहीं लगती।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में शांत रहें, अफवाह न फैलाएँ और किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन से कूदने या हड़बड़ी में गलत कदम न उठाएँ। यदि इस तरह की स्थिति दिखाई दे तो तुरंत लोको पायलट, गार्ड या ऑनबोर्ड रेलवे कर्मचारियों को सूचित करें, ताकि आवश्यक तकनीकी जाँच कर समाधान किया जा सके। समस्तीपुर मंडल ने यह भी बताया कि नियमित रखरखाव, निरीक्षण और निगरानी प्रणाली के माध्यम से ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। लोको पायलट और रेलवे स्टाफ इस प्रकार की तकनीकी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं। रेल प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की जागरूकता और संयम ही सुरक्षित रेल यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।





