
यस बिहार डेस्क | दिल्ली
हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे करोड़ों मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब रोजाना दवा खाने की झंझट से छुटकारा दिलाने वाला नया इंजेक्शन ‘जिलेबेसिरान (Zilebesiran)’ उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। मेडिकल जर्नल लैंसेट (The Lancet) में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह इंजेक्शन हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिलेबेसिरान शरीर में बनने वाले एंजियोटेंसिनोजेन (Angiotensinogen) नामक प्रोटीन के उत्पादन को रोकता है। यह प्रोटीन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर ब्लड प्रेशर बढ़ाने में भूमिका निभाता है। इस प्रोटीन को नियंत्रित कर यह इंजेक्शन लंबे समय तक ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस इंजेक्शन की सिर्फ एक खुराक का असर करीब 6 महीने तक रह सकता है। यानी मरीजों को साल में केवल दो बार इंजेक्शन लगवाने से ही ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इससे रोजाना दवा खाने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है।डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज नियमित दवा लेना भूल जाते हैं या लापरवाही करते हैं, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह इंजेक्शन उन मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है, जिन्हें दवा नियमित लेने में परेशानी होती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह इंजेक्शन अभी परीक्षण और अध्ययन के चरण में है। इसके व्यापक उपयोग से पहले सुरक्षा और प्रभावशीलता के सभी पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अगर यह सफल साबित होता है, तो हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में यह एक क्रांतिकारी विकल्प बन सकता है।





