बगहा के मध्य विद्यालय में दर्दनाक हादसा, जर्जर छत ढही—लहूलुहान हुए शिक्षक, मासूम बच्चे बाल-बाल बचे

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टुटकर गिरा छत – फोटो : यस बिहार

बगहा। 

Bihar News: पश्चिमी चंपारण के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत रामनगर प्रखंड स्थित मठिया मध्य विद्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पढ़ाई के दौरान कक्षा की जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। पाँचवीं कक्षा में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षक शौकत अली इस हादसे का शिकार हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शिक्षक जैसे ही ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को समझाने के लिए आगे बढ़े, तभी ऊपर से छत का बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे उनके सिर पर आ गिरा। तेज धमाके की आवाज के साथ शिक्षक जमीन पर गिर पड़े और उनके सिर से खून बहने लगा। यह दृश्य देखकर कक्षा में मौजूद बच्चे दहशत में आ गए, कुछ फूट-फूटकर रोने लगे, तो कुछ डर से अपनी जगह जमे रहे।हादसे की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। अन्य शिक्षक और स्थानीय लोग दौड़ते हुए कक्षा में पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यदि यह हादसा कुछ पल पहले या बाद में होता, तो कई मासूम बच्चों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। इस आशंका ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को तुरंत रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। हालत चिंताजनक देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह घटना किसी प्राकृतिक कारण से नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है। विद्यालय भवन की हालत लंबे समय से खराब थी, जिसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। आज उसी अनदेखी ने एक शिक्षक की जान खतरे में डाल दी।घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते विद्यालय भवनों की जांच और मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यही है कि क्या व्यवस्था किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगी?। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों की बदहाल आधारभूत संरचना और जिम्मेदार विभागों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। गनीमत रही कि इस बार बच्चे सुरक्षित बच गए।

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