नरकटियागंज में एक मंडप, अनेक धर्म और एक संदेश, कर्पूरी जयंती पर 19 जोड़ों का सामूहिक विवाह

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नरकटियागंज। 

जब समाज में बंटवारे की रेखाएँ गहरी हो रही हों, ऐसे समय में नरकटियागंज नगर के गोपाला ब्रह्म स्थान परिसर से एक ऐसा संदेश उठा, जिसने इंसानियत को सबसे ऊपर रख दिया। जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती के अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में धर्म, जाति और भेदभाव की दीवारें स्वतः ढह गईं।

सांसद सुनील कुमार के नेतृत्व में हुआ आयोजन

इस भव्य और भावनात्मक आयोजन का नेतृत्व वाल्मीकि नगर सांसद सुनील कुमार ने किया। समारोह में एक ही मंडप के नीचे 18 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और एक मुस्लिम जोड़े का कुरान की आयतों के साथ निकाह संपन्न कराया गया।
सामूहिक विवाह के अवसर पर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई भव्य बारात निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और खुशियों की गूंज के बीच जब बारात गोपाला ब्रह्म स्थान पहुँची, तो पूरा परिसर उत्सव में डूब गया। मंडप में बारी-बारी से वर-वधुओं ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। वहीं मुस्लिम जोड़े ने निकाह के दौरान जीवन भर साथ निभाने और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने का वादा किया।

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मंत्री श्रवण कुमार ने दिया आशीर्वाद

समारोह में पहुंचे ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सभी नवविवाहित जोड़ों से मिलकर उन्हें सुखमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। उन्होंने अपने संबोधन में जननायक कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही कर्पूरी जी के सामाजिक न्याय और समरसता के सपने को साकार करते हैं।

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नगर सभापति और उपसभापति ने भेंट किए उपहार

नगर सभापति रीना देवी ने सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार भेंट कर उनके नए जीवन की शुरुआत को शुभ बनाया, वहीं उपसभापति पूनम देवी ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद और शुभकामनाएँ दीं।

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सैकड़ों लोगों ने दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर समाजसेवी वर्मा प्रसाद, संतोष राज, सत्यम श्रीवास्तव, जदयू नेता अनिल कुमार, लालबाबू कुशवाहा समेत वर-वधुओं के परिजन और नगर के सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद रहे। सभी ने नवदंपतियों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें शुभाशीष दिया। यह सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जीवंत करने का प्रयास था, जहाँ समाज ने यह दिखा दिया कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।

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