
यस बिहार | चनपटिया
पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया नगर पंचायत में सफाई, कचरा प्रबंधन एवं चलंत शौचालयों की मरम्मत के नाम पर हुए भारी खर्च को लेकर बिहार विधानसभा में गंभीर सवाल उठे। चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने तारांकित प्रश्न एवं पूरक बहस के माध्यम से नगर विकास एवं आवास विभाग से जवाब मांगा।
विधायक अभिषेक रंजन ने सदन में कहा कि विभागीय उत्तरों से यह स्पष्ट होता है कि चनपटिया नगर पंचायत द्वारा मात्र दो चलंत (टिन शेड युक्त) शौचालयों की मरम्मत पर 5,74,138 खर्च किए गए हैं, जो आम जनमानस को चौंकाने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहरी आवास योजना के तहत एक निर्धन परिवार को केवल 2 लाख में पक्का मकान व शौचालय दिया जाता है और व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु मात्र 12 हजार की सहायता मिलती है, तब एक अस्थायी शौचालय की मरम्मत पर इतना बड़ा व्यय किस तकनीकी मानक और किस दर सूची के आधार पर स्वीकृत हुआ।
सरकार द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में चनपटिया नगर पंचायत में
सफाई मद में 83.85 लाख,
कचरा प्रबंधन में ₹64.08 लाख, शौचालय मद में 5.74 लाख, तथा अन्य संसाधनों की खरीद पर 2.60 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई है। इसके बावजूद नगर पंचायत की स्वच्छता रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में जहाँ चनपटिया राज्य स्तर पर टॉप-10 में 8वें स्थान पर था, वहीं दो वर्षों में ही वह 142वें स्थान तक फिसल गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी रैंकिंग में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि बहस के दौरान नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में कहा कि वे इस पूरे मामले को स्वयं देखेंगे और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो जांच कराई जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन का विधायक अभिषेक रंजन ने स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। यह मामला अब केवल चनपटिया तक सीमित न रहकर, प्रदेश की शहरी निकाय व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है।





