
यस बिहार | मैनाटाड़
बेतिया के इनरवा स्थित इंडो नेपाल बॉर्डर इलाके में हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद वर्षों से दुकानदारी कर रहे मांस विक्रेताओं के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब इन दुकानदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे अपनी रोज़ी रोटी आखिर कहाँ से चलाएं।बताया जाता है कि अंचलाधिकारी आशीष आनंद के नेतृत्व में पुलिस बल ने सीमा क्षेत्र में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। अभियान के दौरान मांस की कई अस्थायी दुकानें भी हटा दी गईं। प्रशासन का कहना है कि सड़क और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमणमुक्त करना जरूरी था। लेकिन दूसरी ओर दुकानदारों का दर्द कुछ और ही कहानी कह रहा है। फिरोज आलम, लालबाबू अंसारी, रफिक मियां, अनवर मियां, रेयाज मियां, अनारूल मियां समेत अन्य मांस विक्रेताओं का कहना है कि उनके पूर्वज वर्षों से उसी स्थान पर दुकानदारी करते आ रहे थे। हमारी पहचान और रोज़ी रोटी उसी जगह से जुड़ी है। अब अचानक हट जाने के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, दुकानदारों ने भावुक स्वर में कहा। कार्रवाई के बाद से कई दुकानदार बेरोज़गार बैठे हैं। उनका कहना है कि न तो उन्हें कोई वैकल्पिक जगह आवंटित की गई है और न ही स्थायी समाधान बताया गया है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्चों को लेकर चिंता गहराती जा रही है। अपनी समस्या लेकर दुकानदार इनरवा थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष से गुहार लगाई कि या तो उन्हें पूर्ववत उसी स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति दी जाए या फिर वैकल्पिक रूप से इनरवा चौक के दोन नहर किनारे राजकुमार कुशवाहा के घर के सामने खाली स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति प्रदान की जाए। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के अतिक्रमण हटाने से उनका जीवन संकट में पड़ गया है।सीमा क्षेत्र के इस छोटे से बाज़ार में प्रशासनिक कार्रवाई और आजीविका के बीच खिंची यह रेखा अब कई परिवारों की चिंता का कारण बन गई है। सवाल यह है कि क्या इन मेहनतकश परिवारों को समय रहते कोई स्थायी ठिकाना मिल पाएगा, या उनकी रोज़ी रोटी यूँ ही असमंजस में झूलती रहेगी। थानाध्यक्ष लवकांत शर्मा ने बताया की बहुत ही जल्द कानदारों के समस्याओं का निदान कर दिया जाएगा ताकी उन्हे कोई परेशानी न हो।





