Bihar news : बेतिया की अनोखी ने रच दिया इतिहास, बनी पंचायत की पहली फौजी बेटी

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यस बिहार | नरकटियागंज 

पश्चिम चम्पारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के छोटे से गांव बैतापुर से निकली एक साधारण परिवार की बेटी ने अपने हौसले और मेहनत से असाधारण मिसाल कायम की है। अनोखी कुमारी आज सिर्फ अपने घर की नहीं, बल्कि पूरे गांव, पंचायत और जिले के लिए गर्व का प्रतीक बन चुकी हैं। सीमित संसाधन, आर्थिक तंगी और लगातार संघर्षों के बीच उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे हालात भी घुटने टेक देते हैं। अनोखी के पिता एक निजी विद्यालय में शिक्षक हैं, जिनकी मेहनत से परिवार का गुजारा चलता है। घर की जिम्मेदारियां और आर्थिक दबाव होने के बावजूद अनोखी ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। बचपन से ही वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना उनके दिल में बसता रहा। यह सफर आसान नहीं था। SSC GD की तैयारी शुरू हुई, पहला प्रयास असफल रहा। समाज के ताने मिले, निराशा ने घेरने की कोशिश की, लेकिन अनोखी का हौसला एक पल के लिए भी नहीं डगमगाया। माता-पिता की थकी हुई आंखें और उनका संघर्ष अनोखी को हर दिन यह एहसास कराते रहे कि हार मानना कोई विकल्प नहीं है। दूसरे प्रयास में उन्होंने खुद को और मजबूत बनाया। सुबह की दौड़, रात की पढ़ाई और दिल में सिर्फ एक ही संकल्प, “मुझे करना ही है।” भाई-बहनों का भरोसा और माता-पिता का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। फिर वह दिन आया, जिसने वर्षों के संघर्ष को सफलता में बदल दिया। अनोखी कुमारी का चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हो गया। वह न केवल अपने गांव की, बल्कि पूरी पंचायत की पहली लड़की हैं, जिन्होंने फौज में नौकरी पाई है। यह उपलब्धि सिर्फ अनोखी की नहीं, बल्कि उनके परिवार और पूरे जिले की जीत मानी जा रही है।

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हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित रोजगार मेले में अनोखी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके बाद उन्हें STC BSF कैंप, पंजाब में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। वही 9 फरवरी को नियुक्ति पत्र भी मिल गया है। अनोखी का अगला लक्ष्य SSC CGL के माध्यम से और ऊंचाइयों तक पहुंचना है, ताकि वह देश सेवा के साथ अपने परिवार और क्षेत्र का नाम और भी रोशन कर सकें। अनोखी की सफलता यह संदेश देती है कि एकाग्रता, मेहनत और आत्मविश्वास से ही सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। बैतापुर की यह बेटी आज हर उस लड़की के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती है।

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