
यस बिहार | नरकटियागंज
पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र में मानवता और विश्वास को शर्मसार करने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया गया।
पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज के शिकारपुर थाना क्षेत्र में मानवता और विश्वास को शर्मसार करने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया गया। हद तो तब हो गई जब मामले को सुलझाने के लिए बैठी पंचायत में आरोपी पक्ष ने मर्यादा को ताक पर रखकर दहेज में बाइक और नकदी की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर शादी से इनकार करने के बाद पीड़िता की माँ ने थाने में गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, केसरिया गांव निवासी नितेश कुमार ने नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फंसाया था। आरोपी ने पीड़िता को शादी का सुनहरा सपना दिखाया और इसी बहाने उसका शारीरिक शोषण करने लगा। पीड़िता जब भी सामाजिक तौर पर रिश्ते को स्वीकारने और शादी करने का दबाव बनाती, नितेश हर बार टालमटोल कर उसे बहला देता था।
मामले की जानकारी जब पीड़िता की माँ को हुई, तो उन्होंने गांव के प्रबुद्ध लोगों के बीच न्याय की गुहार लगाई। गांव में पंचायत बुलाई गई, जहाँ आरोपी नितेश के परिजनों ने शादी के लिए अपनी रजामंदी तो दी, लेकिन साथ ही एक बाइक और भारी भरकम नकदी की मांग रख दी। पीड़िता का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण यह मांग पूरी करने में असमर्थ रहा, जिसके बाद आरोपी पक्ष शादी के वादे से मुकर गया।
पंचायत विफल होने के बाद पीड़िता की माँ ने हार नहीं मानी और शिकारपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी ज्वाला कुमार सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की। केस की कमान महिला अनुसंधानकर्ता एकता सागर को सौंपी गई।
पुलिस ने शुक्रवार को छापेमारी कर आरोपी नितेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया है। नाबालिग के यौन शोषण का मामला दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। अनुसंधानकर्ता ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
“महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।”
— ज्वाला कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, शिकारपुर

