
यस बिहार | मैनाटाड़
मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र के शिक्षा सेवकों को पिछले तीन महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने से उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। मानदेय नहीं मिलने के कारण कई शिक्षा सेवक परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंतित हैं और भूखमरी जैसी स्थिति का सामना करने को मजबूर हैं। मामले की जानकारी देते हुए शिक्षा सेवक संघ के प्रखंड अध्यक्ष नजीर अहमद ने बताया कि पिछले तीन महीनों से शिक्षा सेवकों का मानदेय भुगतान लंबित है। एक तो अल्प मानदेय मिलता है वह भी समय से नही मिल रहा है।आगे उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि अब तक पश्चिमी चंपारण जिले को मानदेय भुगतान के लिए अलॉटमेंट भी प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके कारण सभी शिक्षा सेवकों का भुगतान रुका हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवक सरकार की विभिन्न शैक्षणिक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बावजूद इसके समय पर मानदेय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे शिक्षा सेवकों एवं उनके परिवारों के समक्ष आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है। शिक्षा सेवक सरफराज आलम, अतिरसुल अंसारी, वृजेश बैठा, धर्मराज बैठा, सुरेन्द्र बैठा, सुनील राउत, अफसार हुसैन, अफजल अंसारी समेत अन्य ने विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए अविलंब लंबित मानदेय भुगतान की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो शिक्षा सेवक आंदोलन करने को विवश होंगे।





