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Bihar news : भेड़िहरवा एसएसबी नाका पर ग्रामीणों का हंगामा, वाहन जांच के नाम पर परेशान करने का आरोप

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यस बिहार | मैनाटाड़ 

सीमावर्ती भेड़िहरवा गांव के पास स्थित एसएसबी चेकपोस्ट पर जवानों द्वारा वाहन जांच के नाम पर अक्सर परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए रविवार सुबह ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में भेड़िहरवा गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामे की सूचना मिलने पर एसएसबी के सहायक सेनानायक अविनाश पटेल और मैनाटांड़ थानाध्यक्ष शंभूशरण गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं ग्रामीणों की सूचना पर प्रमुख प्रतिनिधि गणेश साह उर्फ भोट साह भी घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों में वार्ड सदस्य कन्हैया कुमार, अशर्फी महतो, मनोज कुमार, संतोष कुमार, जैनुद्दीन अंसारी, इजहारुल अंसारी, मैनुद्दीन मियां, पवन कुमार समेत अन्य लोगों का कहना था कि शनिवार रात गांव के कुछ कमर्शियल वाहन बारात छोड़कर लौट रहे थे। जब वे भेड़िहरवा एसएसबी नाका से मात्र 300–400 मीटर दूर अपने गांव जा रहे थे, तब जवानों ने गाड़ी रोक दी और लोगों को वाहन से उतरकर पैदल जाने को कहा। ग्रामीणों का आरोप था कि वाहन जांच के नाम पर अक्सर ऐसा किया जाता है, जिससे उन्हें अपने ही गांव में आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो वे किसी अत्यंत संवेदनशील सीमा क्षेत्र में रह रहे हों, जहां हर समय रोक-टोक का सामना करना पड़ता है। वहीं मौके पर पहुंचे सहायक सेनानायक अविनाश पटेल ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एसएसबी कानून के अनुसार काम करती है। उन्होंने बताया कि अर्धरात्रि के समय सीमा क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में किसी को भी बिना अनुमति जाने की इजाजत नहीं दी जाती।

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उन्होंने कहा कि यदि किसी बारात या अन्य कार्यक्रम के लिए अधिक संख्या में वाहन ले जाने हों, तो पहले आवेदन देकर अनुमति लेनी होगी, उसके बाद ही वाहनों को जाने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को ध्यान रखना चाहिए कि उनका गांव भारत-नेपाल सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
बाद में थानाध्यक्ष शंभूशरण गुप्ता और प्रमुख प्रतिनिधि भोट साह ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई और सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए।

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